पेट की बीमारियों पर नड्डा की चेतावनी! बोले- लाइफस्टाइल बिगाड़ रहा सेहत, दवा ही काफी नहीं

·

पेट की बीमारियों पर नड्डा की चेतावनी! बोले- लाइफस्टाइल बिगाड़ रहा सेहत, दवा ही काफी नहीं
जेपी नड्डा। तस्वीर: Indian Pharma Post

नई दिल्ली: बदलती लाइफस्टाइल पेट की बीमारियां बढ़ा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस पर चिंता जताई है। दिल्ली में वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी 2026 का आयोजन हो रहा है। यह पहली बार भारत में हो रहा है।

उद्घाटन समारोह में नड्डा ने कहा कि खानपान और मोटापा पेट की बीमारियों का बोझ बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ तकनीक और इलाज से यह चुनौती हल नहीं होगी। रोकथाम पर भी उतना ही ध्यान जरूरी है।

पेट की बीमारियां: फैटी लिवर सबसे बड़ी चिंता

नड्डा ने बताया कि फैटी लिवर, आंतों की सूजन और पैंक्रियाज की बीमारियां बढ़ रही हैं। इसके साथ ही पेट के कैंसर के मामले भी सामने आ रहे हैं। बीमारियों का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। एम्स की एक स्टडी में 38.6% वयस्कों में फैटी लिवर पाया गया।

बच्चों में यह दर 35.4% है। खास बात यह है कि फैटी लिवर चुपचाप बढ़ता है। नुकसान होने तक लक्षण दिखते ही नहीं हैं। डायबिटीज के हर चार में से एक मरीज में लिवर फाइब्रोसिस मिला है। यह आंकड़ा डराने वाला है।

युवाओं में बढ़ रहा आंतों का कैंसर

डॉक्टरों के मुताबिक कम उम्र में कोलोरेक्टल कैंसर बढ़ रहा है। यह चिंता का विषय है। मल में खून या वजन घटना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच जरूरी है।

वहीं सीलिएक बीमारी भी अब ज्यादा पहचानी जा रही है। उत्तरी भारत में हर 96 में से एक व्यक्ति प्रभावित है।

बचाव ही सबसे बड़ा इलाज

नड्डा ने कहा कि स्वस्थ खानपान और सक्रिय जीवनशैली पर जोर देना होगा। जल्दी पहचान भी जरूरी है। डॉक्टरों की सलाह है कि तला-भुना कम खाएं। फाइबर वाली चीजें ज्यादा लें।

दरअसल आंतों के बैक्टीरिया हमारी सेहत तय करते हैं। अच्छा खानपान इन्हें स्वस्थ रखता है। 30 की उम्र के बाद BP और शुगर की नियमित जांच कराएं। सरकारी केंद्रों पर यह सुविधा मिलती है।

कुल मिलाकर संदेश साफ है — दवा से ज्यादा जरूरी है सही लाइफस्टाइल। आज से ही शुरुआत करें।

यह भी पढ़ें: जानिए आखिर क्यों पुरुष अपने से बड़ी उम्र की महिलाओं की तरफ होते हैं आकर्षित

(स्रोत: New Indian Express)

thefocusworld