मौजूदा समय में इंटरनेशनल क्रिकेट में अच्छी फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण चीज है।
पिछले कुछ कई खिलाड़ियों को खराब फिटनेस की वजह से टीम से अपनी जगह गंवानी पड़ी है। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में कई खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जो अपने खेल के साथ-साथ ज्यादा वजन को लेकर भी चर्चाओं में रहे हैं। भारत के रोहित शर्मा की गिनती भी मोटे और अनफिट खिलाड़ियों में होती है| आइए जानते हैं इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले 5 सबसे मोटे क्रिकेटर्स के बारे में।
रहकीम कॉर्नवॉल (Rahkeem Cornwall)
वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर रहकीम कॉर्नवॉल इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे ज्यादा वजनी खिलाड़ी रहे हैं। 6 फुट के कॉर्नवॉल का कुल वजह 140 किलो के करीब है। हालांकि उन्होंने अपने वजन का असर खेल पर पड़ने नहीं दिया है।
कॉर्नवॉल ने 13 टेस्ट मैच खेलें हैं, जिसमें उन्होंने दो अर्धशतक जड़े हैं। इसके अलावा उन्होंने 15 पारियों में गेंदबाजी की है, जिसमें उनके नाम 32 विकेट दर्ज हैं। इसमें उन्होंने दो बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया।
वारविक आर्मस्ट्रांग (Warwick Armstrong)
ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर वारविक आर्मस्ट्रांग के नाम 117 साल तक सबसे वजनी क्रिकेटर होने का रिकॉर्ड था। 1902 में डेब्यू करने वाले आर्मस्ट्रांग का वजन 133 किलो था, इसके बावजूद भी अपने समय के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक थे।
ड्वेन लीवरॉक (Dwayne Leverock)
बरमूडा के गेंदबाज ड्वेन लीवरॉक क्रिकेट इतिहास के सबसे वजनी क्रिकेटर्स में से एक हैं। 2007 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हुए मैच में स्लीप में रॉबिन उथप्पा का बेहतरीन कैच पकड़ने के बाद लीवरॉक सुर्खियों में आए थे। लीवरॉक ने बरमूडा खे लिए 32 वनडे मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 33.03 की औसत से 34 विकेट अपने खाते में डाले। बता दें कि वह बरमूडा में पुलिस और जेलर भी हैं।
अर्जुन राणातुंगा (Arjuna Ranatunga)
अर्जुन राणातुंगा श्रीलंका क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर क्रिकेटर्स में से एक रहे हैं। हालांकि वह फिटनेस को लेकर भी काफी चर्चा में रहे। पूर्व श्रीलंकाई कप्तान का वजन 115 किलो था। राणातुंगा की कप्तानी में श्रीलंका 1996 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनी। उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में 12561 रन बनाने के साथ-साथ 95 विकेट भी चटकाए।
कॉलिन मिलबर्न (Colin Milburn)
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 13 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले इंग्लैंड के कॉलिन मिलबर्न का वजन 114 किलो था। उन्होंने 1966 में डेब्यू किया और इंग्लैंड के लिए 9 टेस्ट मैच में 46.71 की औसत से 654 रन बनाए। हांलिक एक एक्सीडेंट के चलते उनकी एक आंख चली गई थी, जिसके चलते उनका करियर समाप्त हो गया था।